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देश में खेल अनिवार्य कर देने चाहिए : अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजेश नायडू

विदर्भ न्यूज एक्सप्रेस
प्रतिनिधी / चंद्रपूर (Chandrapur) : आज २९ अगस्त २०२३ को मेजर ध्यानचंद की ११८ वी जयंती के अवसर पर तथा राष्ट्रीय क्रीडा दिवस के अवसर पर चंद्रपुर के खत्री महाविद्यालय में क्रीडा दिवस मनाया गया जिसमें चंद्रपुर के पहले शिव छत्रपति पुरस्कार प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता राजेश नायडू का सत्कार करके विद्यार्थियों के लिए उनका मार्गदर्शन कार्यक्रम रखा गया।

मेजर ध्यानचंद ने अपने करामाती खेल योग्यता से देश को ओलंपिक में कई स्वर्ण पदक दिलाए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी ख्याति फुटबॉल के पहले और क्रिकेट के ब्रेडमन जितनी हो गई थी जिस वजह से भारत का नाम पूरी दुनिया में रोशन हुआ। इसलिए उनके सम्मान में २०१२ से हिंदुस्तान में उनके जन्मदिन २९ अगस्त को हर साल राष्ट्रीय क्रीड़ा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

इस अवसर पर आयोजित क्रीडा दिवस समारोह में खत्री महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर जे एम काकडे सर ने चंद्रपुर के पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी राजेश नायडू का सम्मान चिन्ह और शाल देकर सम्मान सत्कार किया। इसके बाद राजेश नायडू ने वहां उपस्थित कॉलेज के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए खेल से जुड़े रहने के फायदे बताएं। राजेश नायडू ने कहा कि किसी भी स्तर पर खेलने से शरीर स्वस्थ रहता है, बुरी आदतें नहीं लगती और जीवन में बुरे समय संघर्ष करने की शक्ति मिलती है। इस अवसर पर उन्होंने अपील की कि हमारे देश में दो चीज अनिवार्य हो जानी चाहिए, पहला वोट डालना और दूसरा खेल खेलना।

इसके अलावा उन्होंने कई उदाहरण देकर विद्यार्थियों को खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। महाविद्यालय के डॉ. रवि वाळके की उपस्थिती मे क्रीडा विभाग प्रमुख आशीष चहारे ने कार्यक्रम का संचालन और मराठी विभाग प्रमुख डॉ. मुरमाडे ने आभार प्रदर्शन किया।

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